गणपति अपने मात पिता के साथ उत्तराखंड में हमेशा विराजमान हैं

गणपति बप्पा मोरिया अबकी बरस तू जल्दी आ के जय घोष के बाद

दस दिनों की पूजा अर्चना के बाद धूम धाम से विदा हुए गणपति
गणेश हमारी खोली में सदैव विराजमान दस दिनों के लिए पांडाल में देते हैं दर्शन
सूर्यकांत धस्माना: पश्चिम पटेलनगर में सजे गणपति पांडाल में दस दिनों से चल रहे गणपति महोत्सव में आज पूजा अर्चना और आरती के बाद विशाल भंडारा आयोजित हुआ और फिर धूम धाम से गणपति महाराज की मूर्ति को विसर्जन के लिए जुलूस के रूप में ढोल नगाड़ों के साथ विदा किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष संगठन सूर्यकांत धस्माना ने आरती और भंडारे में भाग लिया व तत्पश्चात मूर्ति को विदा करने से पूर्व भावुक श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि उत्तराखंड में तो गणपति हमेशा हमारे घर में हमारे आले ( खोली) में विराजमान रहते हैं क्योंकि हिमालय तो उनकी मां पार्वती का मायका है और केदारनाथ में उनके पिता भगवान भोले नाथ स्थाई रूप से ध्यान लगाए केदारेश्वर के रूप में विराजमान रहते हैं और ये पूरे विश्व को पता है कि भवन श्री गणेश अपने माता पिता के साथ हमेशा रहते हैं इसलिए पश्चिम प्रांतों में प्रत्यक्ष रूप से गणपति लोगों की पूजा अर्चना स्वीकार करने के लिए दस दिनों के लिए पांडालों में आते हैं और फिर उनको विसर्जित कर दिया जाता है किन्तु उत्तराखंड में भगवान गणपति हमेशा हमारे घरों की खोली में विराजमान रहते हैं । श्री धस्माना ने कहा कि पश्चिम प्रदेशों के गणपति पूजा से प्रभावित हो कर आज पूरे उत्तराखंड में ही नहीं पूरे देश में गणपति उत्सव मनाए जा रहे हैं और उसमें कोई बुराई भी नहीं है क्योंकि हमारे सनातन धर्म में कोई भी कार्य गणेश पूजन के बिना शुरू नहीं होता और उसके लिए हम हर पूजा पथ यज्ञ आदि में पहले गाय के गोबर का गणेश बना कर उसका पूजन करते हैं और पूजन पूर्ण होने पर उस गोबर से बने गणेश को विसर्जित ही करते हैं इसलिए ऐसी कोई भ्रांति नहीं होनी चाहिए कि उत्तराखंड में गणेश जी को विसर्जित नहीं किया जा सकता। श्री धस्माना ने सभी राज्यवासियों व देशवासियों को गणपति पूजन पूर्ण होने की बधाई व शुभकामनाएं देते हुए कहा कि देश और दुनिया में भगवान गणपति सभी का कल्याण करें हम सब को यह प्रार्थना करनी चाहिए। इस अवसर पर गणपति महोत्सव की संयोजिका श्रीमती जया गोलानी, श्री अशोक गोलानी, डाक्टर प्रतिमा सिंह, श्रीमति बलविंदर कौर, बलजीत कौर, ममता, रीता, मधु, गुरविंदर कौर , कमलेश, गीता, किरण, ज्योति, उषा कथूरिया, जिया, रिशी, सुनील जायसवाल, आनंद सिंह पुंडीर, राजेंद्र सिंह, रंजीत सिंह, अमरजीत सिंह, दलबीर सिंह कलेर , मनोहर सिंह, दिव्यांश, निखिल, सौरव,दिनेश कौशल आदि शामिल हुए।