नन्ही परी रिव्यू पिटिशन प्रदेश सरकार द्वारा सुप्रीम कोर्ट में सुनिश्चित कराने हेतु मांग

देहरादून,
आज देहरादून प्रेस क्लब में नन्ही परी प्रकरण पर एक विशेष वार्ता आयोजित की गई। इस अवसर पर उत्तराखण्ड पीएमजीएसवाई कॉन्ट्रैक्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री रमेश चन्द्र गहतोड़ी ने घटना की नृशंसता, न्यायालयों के निर्णय तथा सर्वोच्च न्यायालय में अभियुक्त के दोषमुक्त हो जाने पर गहरी पीड़ा और आक्रोश व्यक्त किया।

बच्ची के ताऊ तारा चंद ने कहा कि यह केवल एक मासूम बच्ची की लड़ाई नहीं है, बल्कि पूरे उत्तराखण्ड की माताओं, बहनों और बच्चियों की अस्मिता की लड़ाई है। जिसे राज्य सरकार की शिथिल और लापरवाह पैरवी के कारण समाज को यह दिन देखना पड़ा है, जो न्याय व्यवस्था पर गहरा प्रश्नचिह्न है।

बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि यदि राज्य सरकार दिनांक 05 अक्टूबर 2025 तक माननीय सर्वोच्च न्यायालय में रिव्यू पिटीशन दायर नहीं करती है, तो पीएमजीएसवाई कॉन्ट्रैक्टर एसोसिएशन नन्ही परी के परिवार के साथ मिलकर में उत्तराखंड की न्याय पसंद जनता के साथ मुख्यमंत्री कार्यालय का घेराव करेगा।

एसोसिएशन ने यह भी स्पष्ट किया कि यह संघर्ष केवल नन्ही परी के परिवार का नहीं, बल्कि पूरे समाज का है और न्याय की इस लड़ाई में उत्तराखण्ड की जनता को भी एकजुट होकर सरकार पर दबाव बनाना होगा।