देहरादून,
आज सायंकाल 7 बजे पीएमजी एस वाई कॉन्ट्रैक्टर एसोसिएशन व भारी संख्या में जनता हाथों में मोमबत्ती हत्यारे को फांसी हो के नारों की तख्तियों के साथ सड़कों पर उतर आई । लोग गांधी पार्क देहरादून में एकत्र हुए और नन्नी परी कशिश की बलात्कार के बाद 20 नवंबर 2014 को हत्या कर दी गई थी । इस के बाद हत्यारों को वर्ष 2019 में कोर्फांड से फांसी की सजा हुई । जिसको माननीय हाई कोर्ट उत्तराखंड द्वारा भी फांसी की सजा बरकरार रखी गई ।
इसके बाद हत्यारे के द्वारा फांसी की सजा के विरुद्ध माननीय उच्चतम न्यायालय में अपील दायर की गई । कितने जघन्य अपराध की उच्च न्यायालय द्वारा समस्त सबूत के आधार पर सजा पाने के उपरांत माननीय उच्चतम न्यायालय से मुलजिम का 10 सितंबर 2025 को बा इज्जत बरी कर दिया गया ।
यह खबर जब आम जन मानस के पास पहुंची तो जनता में गुस्सा और आंखों में खून उतर आया ।
जब केस उच्चतम न्यायालय में चला तो उसकी बैंक तक पीड़ित पक्ष को नहीं लगी ।
एसोसिएशन के अध्यक्ष रमेश चंद गहतोड़ी ने बताया कि जबकि मुकदमा चला सरकार के पास पूरी जानकारी थी सरकार द्वारा उस प्रकरण की जानकारी किसी भी रूप में संबंधित बच्ची के परिवार को देने तक की जहमत नहीं उठाई गई और ना ही ठोस पैरवी ही माननीय न्यायालय में की, जो वकील वहां पर निर्धारित था उसके द्वारा भी पेशी तक में उपस्थित न होना इस बात का स्पष्ट संकेत है कि उत्तराखंड सरकार इस केस के प्रति कितनी गंभीर थी, उसके बावजूद जब जनमानस में इस बात का संदेश पहुंचा उसके उपरांत पूरे प्रदेश की जनता में उबाल आया उसी के फल स्वरुप पूरे पिथौरागढ़ जनपद में व अन्य जगहों पर पूरा प्रोटेस्ट पब्लिक कर रही है ।
जनता में भारी आक्रोश देख कर जब सरकार ने कहा कि हम इस पर रिव्यू पिटीशन डालेंगे वर्तमान तक किसी प्रकार की कार्रवाई गतिमान नहीं है उसके विरोध में आज हम कैंडल मार्च कर रहे हैं यह इस बात का संदेश है की जनता आक्रोशित है इस प्रदेश में अंकिता भंडारी हत्याकांड हुआ में भी सरकार की कमजोर पैरवी रही जिसका लाभ विपक्ष को पहुंचा ।
आज जनता ने गांधी पार्क से मशाल जलूस निकाल कर सरकार को चेताया है । हमें न्याय न मिला तो hm सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे । जिसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी । ये उत्तराखंड की मा बहने हैं ये राज्य बनाना भी जानती हैं और न्याय लेना भी ।
कैंडल मार्च में पीएम जी एस वाई कांट्रेक्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष रमेश चंद गहतोड़ी,तारा चंद, संदीप वर्मा अमित जैन, नदीम अख्तर पारस चंद, जतिन चंद, आदि लोग मौजूद थे ।
नन्ही कशिश के हत्यारे को फांसी हो के नारे गूंजे राजधानी में