मनेरगा योजना के नाम के साथ छेड़छाड़ करना राष्ट्रपिता का अपमान है है

डॉ. आशा लाल – अध्यक्ष अखिल भारतीय स्वतंत्रता सेनानी समिति

महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (MNREGA) का नाम राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नाम पर रखा जाना उनके विचारों और स्वतंत्रता आंदोलन में उनके अतुलनीय योगदान का सम्मान है। महात्मा गांधी ने न केवल देश को आज़ादी की राह दिखाई, बल्कि ग्राम स्वराज, स्वावलंबन, श्रम की गरिमा और अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के उत्थान को अपने जीवन का उद्देश्य बनाया।

आज अखिल भारतीय स्वतंत्रता सेनानी समिति की (महिला) राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. आशा लाल ने कहा कि योजना के नाम अथवा उसके मूल स्वरूप से छेड़छाड़ किए जाने के किसी भी प्रयास का कड़ा विरोध करती हूँ। महात्मा गांधी का नाम किसी राजनीतिक विचारधारा या सत्ता परिवर्तन से ऊपर है। उनका नाम देश की आत्मा, संघर्ष और बलिदान का प्रतीक है।

MNREGA जैसी योजना गांधी जी के विचारों—काम के अधिकार, ग्रामीण सशक्तिकरण और सामाजिक न्याय—का जीवंत उदाहरण है। ऐसे में इस योजना के नाम पर सवाल उठाना या इसे बदलने की कोशिश करना, स्वतंत्रता संग्राम की विरासत और करोड़ों ग्रामीण श्रमिकों की भावनाओं का अपमान है।

हम मांग करते हैं कि महात्मा गांधी के नाम और उनके आदर्शों से जुड़ी इस योजना की गरिमा को अक्षुण्ण रखा जाए तथा स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान का सम्मान करते हुए योजना के नाम पर किसी प्रकार की छेड़छाड़ ना की जाए साथ ही किसी भी प्रकार के अनावश्यक विवाद से बचा जाए।