संयुक्त नागरिक संगठन ने किया शहीदों को नमन

-क्रांति की तलवार विचारों की सान पर तेज होती है,अंग्रेज
मुझे मार सकते हैं लेकिन मेरे विचारों को नहीं। ये मेरे शरीर को कुचल सकते हैं, आत्मा को नहीं।
भगतसिंह के इन विचारों को आज गांधी पार्क स्थित कारगिल युद्ध स्मारक पर *शहीदों को श्रद्धासुमन*कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहे।
संयुक्त नागरिक संगठन, गोरखाली सुधार सभा,उत्तराखंड केंद्रीय पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन,मैती,समानता मंच,सीव्यू सेवा ट्रस्ट,दून रेजिडेंट वेलफेयर फ्रंट,स्वतंत्रता सेनानी वंशज ग्रुप,दून बुद्धिस्ट सोसाइटी,अ.भा.कायस्थ महासभा,उत्तराखंड आंदोलनकारी मंच,अपना परिवार,हर्षल फाउंडेशन,जगतबंधु सेवा ट्रस्ट,दून योगपीठ,धाद,मुमकिन है फाउंडेशन, जागरूक नागरिक सेवा मंच की ओर से सामूहिक रूप से शहीदों को नमन कार्यक्रम आयोजित किया गया ।
कार्यक्रम का संचालन प्रदीप कुकरेती तथा सुशील त्यागी ने किया । शहीद भगत सिंह,राजगुरु,सुखदेव की शहादत की 95 वी पुण्यतिथि पर आयोजित इस अवसर पर स्वतंत्रता सेनानियों के क्रांतिकारी विचारों को उद्धत करते हुए वक्ताओं ने कहा आज भी देश को ऐसे देशभक्त युवाओं की जरूरत है जो देश में सांप्रदायिक सद्भाव, एकजुटता,सौहार्द,समाजसेवा और त्याग का क्रांतिकारी जज्बा पैदा कर सके।
वक्ताओं ने याद दिलाया की भगत सिंह ने कहा था कि मेरे जीवन का एक ही लक्ष्य है वो है देश की आजादी ।
आज नेताओं और नौकरशाही को याद दिलाना जरूरी हो गया है की जिस सत्ता सुख का वो उपभोग कर रहे हैं
। उस आजादी के लिए लाखों स्वतंत्रता सेनानियों ने अंग्रेजों की गुलामी के खिलाफ संघर्ष किया और फांसी की तख्ते पर शहीद हुए । वक्ताओं का विचार था कि सामाजिक सद्भाव, जागरूकता और मानव सेवा के सभी रूपों में सक्रिय सामाजिक संस्थाएं, जागरूक नागरिक,पर्यावरण प्रेमी भी देशभक्त हैं और समाज को इन पर गर्व है।
इस अवसर पर आजादी के लिए शहीद हुए क्रांतिकारियों,देश की रक्षा में सीमाओं पर शहीद हुए जवानों, उत्तराखंड राज्य आंदोलन में शहीद हुए आंदोलनकारी को 2 मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई ।
शहीद भगत सिंह,राजगुरु,सुखदेव के चित्र पर सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने श्रद्धा के पुष्प अर्पित किए। कार्यक्रम में प्रगति सदाना,संजय श्रीवास्तव,पदम सिंह थापा, पुरुषोत्तम भट्ट,केशव उनियाल,पूरन सिंह लिंगवाल,अशोक भट्ट, डॉ स्वामी एस चंद्रा,मुकेश रावत,मोहन सिंह खत्री,सुलोचना भट्ट,विनोद नौटियाल,एस एस गोसाई,पद्मेंद्र सिंह बर्थवाल,पद्यश्री कल्याण सिंह रावत,.ब्री केजी बहल,सत्य सिंह बिष्ट,अतुल श्रीवास्तव,अनीता सक्सेना,खुशबीर सिंह,गिरीश चंद्र भट्ट,पीएस बुटोला,नरेश चंद्र कुलाश्री,एम एस रावत,वि के धस्माना,श्रीधर प्रसाद मैथानी, हितेंद्र सक्सेना,उमेश्वर सिंह रावत, अवधेश शर्मा,राजीव जौहरी, डॉ राकेश डंगवाल,ठाकुर शेर सिंह, शशांक गुप्ता,रविंद्र दत्त सिंबल, दिनेश भंडारी,जगमोहन मेहंदीरत्ता,श्रीकांत,विमल,मनोज कुमार,राजेंद्र सिंह शाह,जगदीश बावला,शेयरिंग लुडिंग,संदीप सक्सेना,रवि शरण, अजीत नेगी,मुकेश नारायण शर्मा, आशालाल,तिलक राज शर्मा, ताराचंद गुप्ता,अंशुल राज,प्रभात, सुशील विरमानी आदि शामिल थे।