सर्वाइकल कैंसर को हराने के लिए WHO और भारत सरकार का जन – जागरूकता अभियान का देहरादून में शुभारंभ

सर्वाइकल कैंसर को हराने के लिए भारत सरकार और WHO का जागरूकता अभियान का देहरादून में भी शुभारंभ

देहरादून,
आज इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के तत्वाधान में HPV जागरूकता एवं सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम विषय पर सेमिनार में वरिष्ठ डॉक्टर मीनू वैश्य जो उत्तराखंड में कैंसर रोकथाम जागरूकता अभियान की कॉर्डिनेटर भी है ने अपने सुझावों को सभी से साझा किए और कहा कि विश्व हेल्थ आर्गेनाइजेशन, भारत सरकार और उत्तराखंड सरकार द्वारा पूरे भारत वर्ष में हाई रिक्स कैंसर को हराने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है ।
HPV का लगातार संक्रमण सर्वाइकल कैंसर तथा योनि, वल्वा, एनल, पेनाइल, ओरल ओरोफैरिंजियल कैंसर का कारण बनता है । जिसको होने से रोकने के लिए HPV टीकाकरण 9 से 26 वर्ष होना ज्यादा सुरक्षित माना गया है व कुछ विशेष मामलों में यह वैक्सीनेशन रिस्क के साथ 45 वर्ष तक भी किया जा सकता है । 9 से 14 वर्ष तक इस वैक्सीन की 2 डोज व 15 से 26 तक इसकी 3 डोज लगवाकर हम अपने बच्चों लड़की और लड़का दोनों को सर्वाइकल कैंसर होने से सुरक्षित कर सकते हैं । इसी के साथ – साथ स्क्रीनिंग भी समय – समय पर कराना बहुत जरूरी है ताकि हमें यह पता चल सके कि हमारे शरीर में इस वैक्सीन का कितना असर हो रहा है । यह टीका युवा – युवती दोनों को लगना चाहिए । जिसके लिए who ने 9 से 14 वर्ष की आयु को सबसे उपयुक्त बताया है ।
भारत में अभी वैक्सीनेशन के प्रति जागरूकता गति धीमी है जिस कारण अज्ञानतावश भी आम मनुष्य सर्वाइकल कैंसर की चपेट में आ रहा है । कुल कैंसर का भारतवर्ष में 20% पाया जाता है । इसे हराने के लिए वैक्सीनेशन की जन जागरूकता बेहद जरूरी है ताकि सही आयु में कैंसर के प्रति टीकाकरण कराकर आम व्यक्ति अपने जीवन को इस लाइलाज कैंसर से बचा सकता है ।
ये पूरी तरह सुरक्षित है और इससे उपजाऊपन पर किसी प्रकार का दुष्प्रभाव नहीं पड़ता है ।