शाहजहांपुर में काकोरी ट्रेन एक्शन से जुड़े अमर बलिदानियों—राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खान, रोशन सिंह और प्रेम किशन खन्ना—की प्रतिमाओं को बुलडोज़र से गिराए जाने की घटना को अखिल भारतीय शहीद / स्वतंत्रता सेनानी कल्याण महापरिषद की राज्य समन्वयक एवं ऑल इंडिया फ्रीडम फाइटर्स समिति की राष्ट्रीय महिला अध्यक्ष डॉ आशा लाल ने अत्यंत निंदनीय और दुर्भाग्यपूर्ण है। यह केवल मूर्तियों का नुकसान नहीं, बल्कि देश के गौरवशाली स्वतंत्रता संग्राम और हमारे महान बलिदानियों के सम्मान पर आघात है।
यह घटना नगर निगम द्वारा टाउनहॉल क्षेत्र में चल रहे सुंदरीकरण कार्य के दौरान सामने आई, जिसमें संवेदनशीलता और उचित प्रक्रिया का पूरी तरह अभाव दिखा। इस तरह की लापरवाही प्रशासनिक विफलता को दर्शाती है, जिसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा त्वरित संज्ञान लेते हुए संबंधित फर्म को ब्लैकलिस्ट करने, जिम्मेदार अधिकारियों को निलंबित करने और 24 घंटे के भीतर प्रतिमाओं को पुनः स्थापित करने के निर्देश देना एक आवश्यक और स्वागतयोग्य कदम है। लेकिन यह सुनिश्चित करना भी उतना ही जरूरी है कि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।
मैं मांग करती हूँ कि इस मामले में पूरी पारदर्शिता के साथ जवाबदेही तय की जाए, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो, और सभी ऐतिहासिक व सांस्कृतिक धरोहरों की सुरक्षा के लिए सख्त दिशानिर्देश बनाए जाएं।
हमारे स्वतंत्रता सेनानियों का सम्मान सर्वोपरि है—यह केवल प्रशासन की नहीं, हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।